खैरागढ़। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की एक सराहनीय परंपरा को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोलागांव में पिछले 20 वर्षों से जारी रखा गया है। गांव के अधिवक्ता श्री घम्मन साहू 10वीं और 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को हर वर्ष सिल्वर कॉइन देकर सम्मानित करते हैं।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाना और उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित करना है। घम्मन साहू के इस प्रयास से विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ मेहनत और लगन का भाव भी विकसित हो रहा है।
इस वर्ष 38 विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान
इस वर्ष शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोलागांव के कक्षा 10वीं के 13 और कक्षा 12वीं के 25, कुल 38 छात्र-छात्राओं को चांदी का सिक्का देकर सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए यह सम्मान न केवल प्रोत्साहन का माध्यम है, बल्कि उनके मेहनत और सफलता की सार्वजनिक सराहना भी है।
पिछले वर्ष 32 विद्यार्थियों को किया गया था सम्मानित
घम्मन साहू द्वारा पिछले वर्ष भी विद्यालय के 32 छात्र-छात्राओं को सिल्वर कॉइन देकर सम्मानित किया गया था। लगातार दो दशकों से चल रही इस पहल ने गांव में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनका मानना है कि विद्यार्थियों की मेहनत को समय पर पहचान और प्रोत्साहन मिले तो वे अपने भविष्य के लक्ष्यों को लेकर और अधिक गंभीरता से प्रयास करते हैं।
मेहनत को सम्मान, सफलता को प्रोत्साहन
घम्मन साहू की इस पहल से विद्यार्थियों को यह संदेश मिलता है कि मेहनत और लगन का सम्मान जरूर होता है। सम्मान पाने वाले विद्यार्थी आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं, वहीं अन्य छात्र-छात्राओं को भी अच्छे अंक हासिल करने और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यक्तिगत स्तर पर पिछले 20 वर्षों से किया जा रहा यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब विद्यार्थियों को ग्रामीणों की मौजूदगी में सम्मान मिलता है, तो यह उनके लिए गर्व और उत्साह का क्षण बन जाता है।
घम्मन साहू की यह पहल बताती है कि एक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी कई विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर दिशा देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।




