सूरजपुर। जिले में बेलगाम रफ्तार और ओवरलोड वाहनों का खतरा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार दोपहर कौशलपुर मोड़ पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक शिक्षिका की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनका छह वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर (क्रमांक UP12 BW 2352) सूरजपुर से रामानुजनगर की ओर जा रहा था। कौशलपुर के तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़ी स्कूटी को टक्कर मार दी। स्कूटी पर सवार शिफा त्रिपाठी, जो स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल भुवनेश्वरपुर में शिक्षिका थीं, गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके पुत्र को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। विद्यालय में भी मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कौशलपुर मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात है, बावजूद इसके सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाती रही है।
### ओवरलोड और मॉडिफाई ट्रॉलियों पर सवाल
जिले में यूकेलिप्टस सहित अन्य लकड़ियों का ओवरलोड परिवहन आम हो गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को संशोधित कर भारी मात्रा में लकड़ी ढोई जा रही है। आरोप है कि कई बार क्षमता से अधिक लोड लेकर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होती।
### कार्रवाई और मांगें
पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। जांच जारी है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने कौशलपुर मोड़ पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इधर, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर रामानुजनगर रेलवे ब्रिज से शिवपुर नाला तक घुमावदार सड़क पर पांच स्थानों पर गति रोधक बनाने या सड़क सीधी करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग को भी भेजी गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब केवल एफआईआर नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है, ताकि सड़क पर ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।


