खैरागढ़। थाना छुईखदान पुलिस ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और एनसीआरबी से प्राप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे बैंक खातों की पड़ताल की, जिनमें असामान्य रूप से बड़ी संख्या में लेन-देन और करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन दर्ज था। जांच में सामने आया कि छुईखदान क्षेत्र के एक बैंक खाते में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 1.69 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ था। पूछताछ में खाताधारक ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता मासिक किराए पर दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराया था।
आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कथित साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार नेटवर्क का संचालन पहले मुंबई से किया जाता था, लेकिन आर्थिक नुकसान के बाद आरोपी अपने गृह जिलों में लौट आए। इसके बावजूद गिरोह का एक सदस्य जिले में रहकर नेटवर्क संचालित करता रहा।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 19 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है, जिनकी अनुमानित कीमत 5.50 लाख रुपये बताई गई है। साथ ही बैंक खातों में उपलब्ध 5 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई गई है। इस प्रकार मामले में कुल 10.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

