खैरागढ़।थाना खैरागढ़ क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में एक विधि से संघर्षरत बालक की भी संलिप्तता सामने आई है।
मामले में प्रार्थी शैलेन्द्र वर्मा (40 वर्ष), निवासी ग्राम चिचोला ने 29 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री 28 मार्च की रात पिपरिया गांव में रिश्तेदारी के शादी समारोह से अचानक लापता हो गई। परिजनों द्वारा तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका जताई गई।
पुलिस ने गंभीरता से जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही मोहन वर्मा (27 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी का नाबालिग से पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध था। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपने साथी हरीश वर्मा (31 वर्ष) और एक नाबालिग के साथ मिलकर योजना बनाई। 28 मार्च की रात तीनों ने मिलकर बालिका का अपहरण किया और उसे ट्रेन से बिलासपुर ले गए।
यात्रा के दौरान विवाद होने पर आरोपियों ने बिलासपुर के जयरामनगर रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से धक्का देकर नाबालिग की हत्या कर दी। बाद में सबूत मिटाने के लिए कपड़े जलाए और मोबाइल फोन नष्ट कर दिए।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से घटना की पुष्टि हुई। मृतका का शव मस्तुरी थाना क्षेत्र में बरामद किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस कार्रवाई में खैरागढ़ थाना, साइबर सेल एवं मस्तुरी पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


