खैरागढ़। पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छात्र कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उनका आरोप है कि जब भी छात्रावास की समस्याएं अधीक्षक के सामने रखी जाती हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। जमीनी स्तर पर न तो सुधार दिखाई देता है और न ही व्यवस्थाओं में कोई बदलाव।
छात्रों ने बताया कि हाल ही में बोरवेल खराब हो जाने से उन्हें पूरे दिन पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। पाइपलाइन टूटने और अन्य मरम्मत कार्यों की जिम्मेदारी भी कई बार छात्रों को ही उठानी पड़ती है। उनका कहना है कि छात्रावास में नियमित देखरेख का अभाव है, जिससे छोटी समस्याएं भी बड़ी बन जाती हैं।
सबसे गंभीर आरोप अधीक्षक की अनुपस्थिति को लेकर लगाए गए हैं। छात्रों के अनुसार अधीक्षक महीने में एक-दो बार ही छात्रावास पहुंचते हैं और वह भी कुछ समय रुककर औपचारिकताएं पूरी कर चले जाते हैं। छात्रों का दावा है कि समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय व्यस्तता का हवाला दिया जाता है।
वर्तमान स्थिति यह है कि छात्रावास की व्यवस्था मुख्य रूप से रसोइए और नाइट ड्यूटी कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रही है। छात्रों ने मांग की है कि नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और बुनियादी सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि पढ़ाई कर रहे छात्रों को असुविधा और असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की इस गुहार पर कितनी संवेदनशीलता दिखाता है और कब तक व्यवस्थाओं में सुधार हो पाता है।


