Dindayal Yadu Chhuikhadan
छुईखदान। ओपन परीक्षा केंद्र में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि परीक्षा केंद्र में एक ही टेबल पर तीन-तीन परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही है। वहीं परीक्षार्थियों को रोल नंबर के अनुसार निर्धारित सीट पर बैठाने की व्यवस्था भी नजर नहीं आई। इससे परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और नकल रोकने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि परीक्षा कक्षों में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण कई परीक्षार्थियों को एक ही टेबल पर बैठाया गया। आरोप यह भी है कि परीक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार जहां जगह मिली, वहीं बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं होने से अनुचित साधनों के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
मामले को लेकर ओपन परीक्षा केंद्र प्रभारी पवन ददरिया से चर्चा की गई। उन्होंने जगह की कमी का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी मर्जी से जहां जगह मिलती है, वहां बैठ जाते हैं। हालांकि बाद में उन्होंने वर्सन देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें वर्सन देने का अधिकार नहीं है।
वहीं, इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी छुईखदान जीके सुधाकर ने व्यवस्था को गलत माना है। उन्होंने कहा कि “यह गलत है, मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।”
अब सवाल उठ रहा है कि यदि परीक्षा केंद्र में निर्धारित संख्या में परीक्षार्थियों को बैठाने की पर्याप्त क्षमता नहीं थी, तो इतनी संख्या में परीक्षार्थियों को केंद्र आवंटित कैसे किया गया? क्या परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र की क्षमता और सीटिंग प्लान का सत्यापन किया गया था?
मामले की निष्पक्ष जांच में केंद्र की क्षमता, परीक्षार्थियों की संख्या, रोल नंबरवार सीटिंग प्लान और परीक्षा के दौरान निगरानी व्यवस्था की जांच जरूरी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह महज अव्यवस्था थी या परीक्षा संचालन में गंभीर लापरवाही।



