खैरागढ़, नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायालय, खैरागढ़ ने आरोपी टाकेश्वर साहू (20 वर्ष), पिता महेन्द्र साहू, निवासी ग्राम उरला, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
नाबालिग को ले जाकर किया दुष्कर्म
प्रकरण थाना खैरागढ़ के अपराध क्रमांक 198/2024 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार 17 अप्रैल 2024 को आरोपी 18 वर्ष से कम आयु की नाबालिग बालिका को उसकी अभिरक्षा से बिना सहमति अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बालिका के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार दुष्कर्म किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाए और जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा
विशेष अपर सत्र न्यायालय, खैरागढ़ ने आरोपी को अपहरण और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए निम्न सजा सुनाई—
धारा 363 — 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
धारा 366 — 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(ज)/6 — आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।
अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी से हुई दोषसिद्धि
शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी ज्ञान दास बंजारे ने मामले में प्रभावी पैरवी की। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन की मजबूत पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर दंड सुनाया।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर सख्त कार्रवाई
खैरागढ़ पुलिस के अनुसार यह फैसला महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने मामले में त्वरित एवं वैज्ञानिक विवेचना करते हुए साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दोषसिद्ध कर कठोर सजा दिलाई जा सकी।
खैरागढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध किसी भी अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



