खैरागढ़/बाजार अतरिया। लक्ष्य स्पष्ट हो तो असफलता भी सफलता की राह दिखा सकती है। बाजार अतरिया निवासी संतोष जंघेल एवं शिक्षिका भुवनेश्वरी जंघेल की बेटी जागृति जंघेल ने लगातार मेहनत और माता-पिता के सहयोग से चौथे प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उनका चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में एमबीबीएस के लिए हुआ है। अब जागृति का लक्ष्य डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।
जागृति ने हाईस्कूल की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय दुर्ग से पूरी की। 12वीं के बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में जाने का लक्ष्य तय कर NEET की तैयारी शुरू की। ऑनलाइन कक्षाओं और कोचिंग की मदद से उन्होंने करीब तीन वर्षों तक लगातार तैयारी की। शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। तीसरे प्रयास में वह महज आठ अंकों से चयन से चूक गईं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को पहचानकर तैयारी जारी रखी। आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने NEET उत्तीर्ण कर अपने सपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
जागृति के पिता संतोष जंघेल बाजार अतरिया में एल्युमिनियम व्यवसाय संचालित करते हैं, जबकि उनकी मां भुवनेश्वरी जंघेल करीब 13 वर्षों से शिक्षिका हैं और वर्तमान में प्राथमिक शाला कुसमी में पदस्थ हैं। दोनों अपनी जिम्मेदारियों के साथ बेटी की पढ़ाई और तैयारी में लगातार सहयोग करते रहे।
जागृति ने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता मिलने पर रुकने के बजाय अपनी कमियों में सुधार कर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच सफलता की राह आसान बनाती है।




