रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों के शिक्षकों के व्यक्तित्व, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से 26 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी के सभागृह में राज्य स्तरीय संगोष्ठी सह सम्मान समारोह 'एजुकेशन स्कल्प्चर अवार्ड-2026' का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में शोध, साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रदेश के 125 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस आयोजन का संयुक्त रूप से एम.डी. एजुकेशन सोसायटी, सरायपाली और कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एम.डी. एजुकेशन सोसायटी द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन का आयोजन समयोचित, स्वागतयोग्य और परिवर्तनकारी पहल है। शिक्षकों के विशिष्ट कार्यों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना प्रेरणादायी कार्य है। ऐसे आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति से विचार-विमर्श और संवाद को नई दिशा मिली। वहीं भूमि बिल्डकॉन एंड डेवलपर्स के प्रमोद देहरी भी सम्मेलन में विशेष रूप से शामिल हुए।
समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे 125 लोकप्रिय एवं उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों के नवाचार, शिक्षा के प्रति समर्पण और ज्ञान परंपरा को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण स्मारिका का विमोचन रहा। इसमें शिक्षकों के नवाचार, उनके अनुभव और ज्ञान परंपरा के महत्व को नए आयामों के साथ प्रस्तुत किया गया। आयोजन को सफल बनाने में मुख्य संयोजक डॉ. अनिल कुमार प्रधान के नेतृत्व में एम.डी. एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष महेंद्र पसायत, कोषाध्यक्ष मनोज प्रधान तथा कोर कमेटी के सदस्य डॉ. गोपा शर्मा, धर्मेंद्र सरवन, रीता श्रीवास्तव, राजेश सूर्यवंशी और वीरेंद्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में कुसुमलता ध्रुव, सहायक शिक्षक, पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला कुकुरमुड़ा भी शामिल हुईं। यह आयोजन शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।


