खरीदी सुबह 9 से 2 बजे तक की जाएगी
Khairagarh.बाजार अतरिया। सेवा सहकारी समिति बाजार अतरिया में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण (PM AASHA) प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी का शुभारंभ विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
### MSP पर तय हुई फसलों की कीमत
समिति द्वारा किसानों की फसलों के लिए निम्न समर्थन मूल्य तय किए गए हैं—
* अरहर – ₹8000 प्रति क्विंटल
* चना – ₹5650 प्रति क्विंटल
* मसूर – ₹5950 प्रति क्विंटल
* मूंग – ₹8768 प्रति क्विंटल
* उड़द – ₹7800 प्रति क्विंटल
* सरसों – ₹5950 (एक श्रेणी) एवं ₹5328 प्रति क्विंटल
### खरीदी की तिथियां तय
* चना, मसूर, अरहर – 1 अप्रैल से 30 मई तक
* मूंग, उड़द, सरसों – 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक
समिति स्तर पर निर्धारित तिथियों में किसानों से फसल खरीदी की जाएगी।
### 30 हजार किसानों ने कराया पंजीयन
सेवा सहकारी समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजीयन की प्रक्रिया 1 जनवरी से 31 मार्च तक चली, जो अब समाप्त हो चुकी है।
इस केंद्र के अंतर्गत लगभग 90 गांवों को शामिल किया गया है, जहां से करीब 30,000 किसानों ने पंजीयन कराया है।
### पहले दिन किसानों ने बेची चना फसल
खरीदी के पहले दिन 5 से 6 किसानों ने समर्थन मूल्य पर चना की फसल विक्रय के लिए लाई।
इनमें प्रमुख रूप से—
* रामकिशुन वर्मा
* खेमराज वर्मा (जोरातराई)
* निहाली राम वर्मा (सलिहा)
* जगदीश वर्मा (राहुद)
जैसे किसान शामिल रहे।
### जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथियों के रूप में—
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष घम्मन साहू,
जिला पंचायत सभापति ललित चोपड़ा,
जिला पंचायत प्रतिनिधि नरेश कुर्रे,
भाजयुमो जिलाध्यक्ष आयाश सिंह बोनी,
विकेश गुप्ता,
सरपंच बिमला वर्मा,
महामंत्री प्रेमसागर गुप्ता,
जनपद प्रतिनिधि ज्ञानेंद्र वर्मा,
राजेंद्र ताम्रकार,
मंडल अध्यक्ष देवकुमार सेन,
सोसायटी अध्यक्ष हरप्रसाद वर्मा,
हिमांचल सिंह राजपूत,
टीकम वर्मा,
केशव चंदेल ,सोसायटी अध्यक्ष हरप्रसाद वर्मा ,शाखा प्रबंधक प्रकाश महोबिया, समिति प्रबंधक किशोरी चंदेल, राकेश वर्मा ,कृषि विभाग से आरके पराते सहित आसपास के जनप्रतिनिधि, किसान एवं समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
### निष्कर्ष
PM AASHA योजना के तहत MSP पर खरीदी शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।


